निर्माण कार्यों में देरी पर अधिकारियों को सख्त निर्देश, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की चेतावनी
सुम्ब, जम्मू-कश्मीर: उपमुख्यमंत्री सुरिंद्र चौधरी ने रविवार को सुम्ब ब्लॉक का दौरा कर क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
PMGSY पुलों के निर्माण में देरी पर नाराजगी
PMGSY के तहत बनाए जा रहे पुलों के निर्माण में देरी को लेकर PWD इंचार्ज मंत्री ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पुलों का निर्माण 1 जुलाई 2025 तक पूरा किया जाना निर्धारित था, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद कार्य पूरा नहीं हो पाया।
मंत्री ने कहा मुख्य अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को भी भेजे गए थे, लेकिन समय रहते मामले में आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
मंत्री ने अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाई होती और ठेकेदारों की कार्यप्रगति की नियमित निगरानी की होती, तो उन्हें स्वयं मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देने पर भी सवाल
निर्माण कार्य में देरी को लेकर ठेकेदारों की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के कारण काम प्रभावित होने का तर्क दिए जाने पर भी मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर कुछ दिनों की अवधि तक चला, जबकि संबंधित पुलों का निर्माण लंबे समय से लंबित है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब केवल ठेकेदारों की ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं कर रहा था, तो उसे नोटिस या कारण बताओ नोटिस क्यों जारी नहीं किया गया और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
पुलों की गुणवत्ता और डिजाइन की होगी जांच
मंत्री ने दोनों पुलों की गुणवत्ता, डिजाइन और DPR की जांच के निर्देश देने की बात कही। साथ ही मुख्य अभियंता को संबंधित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में ठेकेदार कम दरों पर टेंडर हासिल करने के बाद निर्माण कार्यों को समय पर पूरा नहीं करते, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। ऐसे मामलों में केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि निगरानी और जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी है।
उपमुख्यमंत्री के सुम्ब ब्लॉक दौरे और निर्माण कार्यों की समीक्षा के बाद अब संबंधित विभागों पर लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। वहीं, PMGSY पुलों की जांच के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।