सांबा, 26 सितंबर 2026: सामाजिक कल्याण विभाग ने मुस्कान फाउंडेशन के सहयोग से आज डीसी कार्यालय सांबा के कॉन्फ्रेंस हॉल में जागरूकता एवं आकलन शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्देश्य नेशनल ट्रस्ट एक्ट के तहत आने वाली चार प्रकार की दिव्यांगताओं—ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता और बहु-दिव्यांगता से प्रभावित लोगों को सीधे सहायता एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था।
शिविर के दौरान चिकित्सा एवं पुनर्वास विशेषज्ञों ने मौके पर ही कार्यात्मक आकलन किया, ताकि पात्र लाभार्थियों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
इस अवसर पर परिवारों और देखभाल करने वालों को निरामया स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत प्रति वर्ष ₹1 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध है, जिसमें अस्पताल में भर्ती, ओपीडी सेवाएं और आवश्यक दीर्घकालिक उपचार/थैरेपी शामिल हैं तथा इसके लिए पहले से मेडिकल टेस्ट की आवश्यकता नहीं होती।
विशेषज्ञों ने कानूनी अभिभावकता प्रमाणपत्र (Legal Guardianship Certificate) के महत्व के बारे में भी अभिभावकों को जागरूक किया। बताया गया कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद दिव्यांग व्यक्ति की ओर से आवश्यक चिकित्सा और वित्तीय निर्णय लेने के लिए कानूनी अभिभावकता महत्वपूर्ण हो सकती है।
मुस्कान फाउंडेशन और सामाजिक कल्याण विभाग की ओर से विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए, जहां परिवारों को योजनाओं में पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में मौके पर सहायता प्रदान की गई।
प्रशासन ने दोहराया कि सांबा जिले में दिव्यांगजनों को निरंतर देखभाल, कानूनी सुरक्षा, सरकारी योजनाओं का लाभ और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।